दबी ऊर्जा
बाल अवस्था
में जब पेड़
से पत्ता गिरता
तो मन
में एक ख्याल
गुदगुदाता:
पेड़ पे
पत्ता चढ़ा कैसे?
फिर जब
छुपा भेद जाना
तो हैरानी
तो हुई पर
जिगन्यासा दब गयी
जवानी में लड़के
घुरके देखते
सीटियां बजाते, चक्कर
काटते:
नसों में
खून उगलता
फिर जाना
के इंडियामें यह
न बदलनेवाली
रिवायत है;
ज्वालामुखी की आग
दब गयी
पहले जब
दिल टूटता था
तो ज़ोर
से कांच के
टूटने की आवाज़
आती:
टूटे टुकड़े
समेटने में ज़माना
निकल जाता
और आज
जब दिल टूटता
है तो
दबें पावों
की आहट भी
नहीं सुनाई देती;
मेरी अंदर
की ज़िन्दगी दब
गयी
आज जब
पापा ने मम्मी
को कसकर
थप्पड़ मारा तो
वो रोने लगी:
मै अपनी
लाचारी को कोस
रही थी
जब मुझमे
साहस की
एक लहर उठी
मैंने पापा का
उठता हाथ रोक
दिया;
बर्दाश्त करने की
ख्वाहिश दब गयी